जनपद बिजनौर मुरादनगर की शान से मंडल प्रभारी विकास अग्रवाल 9917085561
बिजनौर। जिला कृषि रक्षा अधिकारी बिजनौर मनोज रावत ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि उ०प्र० शासन कृषि अनुभाग-2 के शासन के आदेशानुसार दिनांक 25 सितम्बर के द्वारा जारी अधिसूचना के माध्यम से कीटनाशी अधिनियम, 1968 ( अधिनियम संख्या-46 सन् 1968) की धारा 27 उप धारा (1) के अधीन प्रदत शक्तियों और इस निर्मित अन्य समस्त समर्थकारी शक्तियों का प्रयोग करके राज्यपाल महोदया, द्वारा अधिसूचना के गजट के प्रकाशन की दिनांक से साठ दिनों की अवधि के लिए उत्तर प्रदेश राज्य के जनपद बिजनौर सहित तीस जिलों में बासमती चावल में ट्राइसाइक्लाजोल, बुप्रोफेजिन, एसीफेट, क्लोरपाइरीफॉस, हेक्साकोनोजोल, प्रोपिकोनाजोल, थायोमेथाक्साम प्रोफेनोफांस, इमिडाक्लोप्रिड, कार्बेण्डाजिम कीटनाशकों के सभी प्रकार के फार्मूलेशन की बिकी, वितरण और प्रयोग को प्रतिबंधित किया गया है, ताकि गुणवतायुक्त बासमती चावल के निर्यात में वृद्धि की जा सकें।
कृषि विभाग द्वारा जारी मानव संचालन प्रक्रियाए (एस०ओ०पी०) के माध्यम से जनपद के समस्त कीटनाशी विक्रेताओं को निर्देशित किया जाता है कि कोई भी विक्रेता बासमती धान में लगने वाले विभिन्न प्रकार के कीटों एवं बीमारियों में प्रतिबंधित किये गये कीटनाशकों का प्रयोग न कराया जायें। यदि किसी विक्रेता द्वारा प्रतिबंधित किये गये कीटनाशकों की बिक्री बासमती धान के लिए की जाती है, तो उसके विरूद्ध कीटनाशी अधिनियम के अन्तर्गत कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। साथ ही जनपद के समस्त बासमती उत्पादक कृषको को सलाह दी जाती है कि इन रसायनों के वैकल्पिक रूप में कीट / रोग की रोकथाम हेतु नीम ऑयल, ब्यूवेरिया बेसियाना, ट्राइकोग्रामा कार्ड का कीटनाशकों की रोकथाम में तथा ट्राईकोर्डमा स्यूडोमोनास रोगों की रोकथाम के लिए प्रयोग कर सकते है। अतः सभी कृषकों को सुझाव देते हुए बताया कि बासमती धान पर किसी प्रकार से प्रतिबंधित कीटनाशकों का प्रयोग न करे।

