जनपद बिजनौर मुरादनगर की शान से मंडल ब्यूरो
बिजनौर। उत्तर प्रदेश शासन एवं जिलाधिकारी, बिजनौर के निर्देशो के क्रम मे व्यापक निरीक्षण/छापामार कार्यवाही जिला कृषि अधिकारी, बिजनौर एवं उपजिलाधिकारी, नगीना/नजीबाबाद एवं उप कषि निदेशक, बिजनौर एवं उपजिलाधिकारी, बिजनौर एवं वरिष्ठ प्राविधिक सहायक-ग्रुप-ए0, कार्यालय जिला कृषि अधिकारी, बिजनौर एवं उपजिलाधिकारी, धामपुर तथा वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप -ए0,कार्यालय भूमि संरक्षण अधिकारी, बिजनौर एवं उप जिलाधिकारी, चांदपुर की संयुक्त टीमो द्वारा जनपद के कृषको को निर्धारित दर पर उच्च गुणवत्तायुक्त उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उर्वरक बिक्री केन्द्रो/गोदामो पर व्यापक छापामारी की कार्यवाही की गयी।
गठित संयुक्त टीम द्वारा जनपद की कुल 52 उर्वरक विक्रय केन्द्रो पर छापेमार कार्यवाही की गयी तथा कुल 20 उर्वरको के नमूने ग्रहित किये गये एवं मै0 क्रॉप केयर आर्गेनिक एलएलपी, अकबरपुर आवला, नजीबाबाद का निरीक्षण किया गया निरीक्षण के समय 04 विनिर्माता टेक्निकलों के नमूने भी ग्रहित किए गए तथा प्लांट को आवश्यक अभिलेख पूर्ण रखने एवं अन्य औपचारिकता पूरी रखने के निर्देश दिए गए l साथ ही निरीक्षण के समय दुकान बन्द कर भागने एवं अन्य अनियमित्ताओं के कारण 07 उर्वरक विक्रेताओं में मै0 बजरंगी खाद भंडार कश्मीरी, मै0 शर्मा बीज भंडार,सलेमपुर, मैं0 एग्री जंक्शन, चौहान वन स्टॉप शॉप, सलेमपुर, मै0 श्री राम बीज भंडार,हल्दौर, मै0 एग्रो एजेंसी हल्दौर, मै0 ओधानिक उत्पादक एवं विपणन सहकारी समिति हल्दौर, मै0 भारत बीज भंडार हल्दौर के उर्वरक प्राधिकार पत्र निलम्बित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किये गये साथ ही निरीक्षण के समय गोदाम प्रभारियो/प्रतिष्ठान के प्रो0 को निर्देशित किया गया कि कृषको की तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही फास्फेटिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया, डीएपी, एनपीके, उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर किया जाए साथ ही यह भी निर्देशित किया गया बिना पोस मशीन के उर्वरकों का वितरण न किया जाए तथा किसी भी दशा में उर्वरको की बिक्री बल्क मे न किये जाने एवं कृषक को उनकी की जोतबही /खतौनी एवं फसलवार संस्तुति के अनुसार वितरण रजिस्टर में उनका रिकार्ड अंकित कर उर्वरकों का वितरण किया जाए। निरीक्षण के दौरान ओवर रेटिंग एवं मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग आदि का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया साथ ही उर्वरक विक्रेता को चेतावनी देते हुए अवगत कराया गया कि निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री करता हुआ एवं प्रचलित उर्वरकों के साथ-साथ अन्य उर्वरको की टैगिंग करता हुआ पाया जाता है तो संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई अमल में लायी जाएगी साथ ही उर्वरक विक्रेताओं को यह भी निर्देश दिये गये कि कृषको को वितरित उर्वरको की रसीद अवश्य उपलब्ध करायी जाय।




