बिजनौर नजीबाबाद मुरादनगर की शान तहसील प्रभारी मोहम्मद आरिफ
बिजनौर के कस्बा नजीबाबाद में बंगाली क्लीनिक पर एक गरीब बीमार व्यक्ति का बवासीर का इलाज चल रहा था जिसको सही करने के लिए बंगाली डॉक्टर ने ₹20000 हजार लेकर गारंटी ट्रेड इलाज करने का दावा किया था तथा बंगाली डॉक्टर ने 20 से 25 दिन में बीमार व्यक्ति को ठीक करने का वादा किया था जबकि फ़ैज़ का इलाज लगभग 8 से 9 महीने तक चलता रहा लेकिन बंगाली डॉक्टर द्वारा उसकी बवासीर बीमारी से कोई भी रहता ना मिल सकी जब भी वह अपनी बीमारी के बारे में डॉक्टर को जानकारी देता तो डॉक्टर उसको आश्वासन दे देता कि तू ठीक हो जाएगा इस आश्वासन से उसकी हालत गंभीर हो गई पीड़ित व्यक्ति के भाई ने जानकारी में बताया कि प्रार्थी गुलफाम पुत्र इजहार हसन ग्राम करमसखेड़ी थाना नजीबाबाद का निवासी है जिसका भाई मोहम्मद फैज उम्र लगभग 32 वर्ष बवासीर की बीमारी से तड़प रहा है जो कि अपना इलाज करने के लिए बंगाली क्लिनिक नजीबाबाद गुरुद्वारा चौराहे के निकट बंगाली क्लिनिक डॉक्टर आरके पोद्दार के पास इलाज करा था गुलफाम ने बताया के मेरे भाई को बिल्कुल ठीक करने की गारंटी लेकर तथा₹20000 में ठीक करने का वादा किया था परंतु बंगाली डॉक्टर ने मेरे भाई को गलत दवाई देकर उसका मामला और गंभीर कर दिया उसकी हालत गंभीर देख चंडीगढ़ अस्पताल में दिखाने के लिए ले गए फैज की हालत देखते हुए डॉक्टर ने बवासीर के ऑपरेशन के लिए कहां और यह भी कहा कि जहां पर तूने इलाज कराया है उसे डॉक्टर ने तुझको दवाई गलत दी है जब यह जानकारी फैज के भाई को मिली तो वह डॉक्टर बंगाली के पास पहुंचा और उसने यह सब जानकारी बंगाली डॉक्टर को दी लेकिन फिर भी डॉक्टर बंगाली यही कहता रहा कि मैं उसको ठीक कर दूंगा आप चंडीगढ़ से उसको बुला लो लेकिन भला जिस डॉक्टर ने 20 या 25 दिन में ठीक करने का आश्वासन दिया था कि बिना ऑपरेशन के ही इसकी बवासीर का इलाज करके बिल्कुल ठीक कर दिया जाएगा लेकिन पीड़ित कहता रहा की डॉक्टर साहब तुमने 20 से 25 दिन में ठीक करने का वादा किया था अब तो लगभग 8 9 महीने हो चुके लेकिन डॉक्टर ने जब ऑपरेशन बताया तो डॉक्टर बंगाली ने फैज के भाई गुलफाम के साथ में बदतमीजी करनी शुरू कर दी और दबंगी के साथ में कहने लगा कि जो तुझसे हो वह कर ले मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता भला झोलाछाप डॉक्टरों का अधिकारी गन बिगड़ भी क्या सकते हैं क्योंकि झोलाछाप डॉक्टर ऑन का कुनबा दिन-ब-दिन बढ़ता चला जा रहा है और मरीज अपनी जान से हाथ भी धोते जा रहे हैं झोलाछाप डॉक्टर एक मरीज से बवासीर ठीक करने के 25-25 हजार रुपए लेकर खूब मस्ती मार रहे हैं और अधिकारीगण इन झोलाछाप डॉक्टरों पर कोई कार्रवाई करने को तैयार नजर नहीं आते पीड़ित परिवार ने मुख्य स्वास्थ्य विभाग के नाम प्रार्थना पत्र देकर झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है
अगर जनपद में बंगाली डॉक्टर की गणना की जाए तो अनगिनत बंगाली डॉक्टर मिल जाएंगे जबकि डिग्री के नाम पर केवल डॉक्टर बंगाली लिखा है बस
स्वास्थ्य विभाग क्यों मेहरबान है झोलाछाप डॉक्टरों पर
क्या कभी स्वास्थ्य विभाग करेगा झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई
धड़ल्ले से चल रहे घरों में नर्सिंग होम पर भी होगी कार्रवाई
क्या नहीं है पता स्वास्थ्य विभाग को
यह तो समय बताएगा स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है या कार्रवाई के नाम पर लीपापोती होती है जैसा अब तक होती चली आई है


