जनपद बिजनौर मुरादनगर की शान से मंडल प्रभारी विकास अग्रवाल, जिला प्रभारी राजेश सिंघल
बिजनौर। करीब चार दिन पूर्व थाना नूरपुर पर तैनात हेड कोस्टेबिल पुरुषोत्तम व कोस्टेबिल अनुज कुमार द्वारा एक अभियुक्त को थाने से छोड़ने के लिए पीडित से 5,000 रूपये के सुविधा शुल्क की मांग की गई तथा 3,000 रूपये लेकर अभियुक्त को छोड़ा दिया गया। पीडित द्वारा पुलिस अधीक्षक, बिजनौर को सीयूजी मोबाइल नम्बर पर इस संबंध में सूचना दी गयी। सुविधा शुल्क लेने के संबंध में जांच करायी गयी तो पुलिसकर्मियों द्वारा रिश्वत लेने की घटना सही पायी गयी।
मंगलवार 3 अक्टूबर को इस संबंध में पीडित की तहरीर के आधार पर थाना नूरपुर पर मु0अ0सं0 396/ 23 धारा 7 / 13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम बनाम है० को० पुरुषोत्तम व को० अनुज कुमार पंजीकृत किया गया। अभियोग की विवेचना क्षेत्राधिकारी चांदपुर द्वारा की जा रही हैं।
पुलिस अधीक्षक जनपद बिजनौर द्वारा जनपद में भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टोलरेंस की नीति के अन्तर्गत जनपद के समस्त पुलिसकर्मियों को पूर्व में ही निर्देशित किया गया था। बुधवार 04 अक्टूबर को थाना नूरपुर पुलिस द्वारा थाने पर तैनात पुलिसकर्मी है० को० पुरुषोत्तम पुत्र स्व० हरपाल सिंह नि0 ग्राम सिरीसे काजी थाना गुन्नौर जनपद सम्भल व को० अनुज कुमार पुत्र राकेश कुमार नि० ग्राम छपरौला थाना बादलपुर गौतमबुद्धनगर को गिरफ्तार किया गया। उक्त दोनो पुलिसकर्मियों को पुलिस अधीक्षक, जनपद बिजनौर द्वारा तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है। उक्त प्रकरण में थानाध्यक्ष नूरपुर की भूमिका की भी गम्भीरता से जांच करायी जा रही है। विधिक कार्यवाही की जा रही है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उ0नि0 सुभाषचन्द्र, को० सविन्द्र नागर,को० सुशील कुमार व को० सचिन कुमार थाना नूरपुर ने की।

