जनपद बिजनौर मुरादनगर की शान से मंडल प्रभारी विकास अग्रवाल, जिला प्रभारी राजेश सिंघल
नगीना । मिट्टी खनन कराने को लेकर स्थानीय अधिकारी व खादीधारी हमेशा सुर्खियों में रहे है, जो आज भी है, नगर व नेशनल हाईवे पर करोड़ों रुपये अवैध रूप से मिट्टी का खनन हो रहा है, सुप्रीम कोर्ट व केंद्र और प्रदेश सरकारों ने हाइवे के कार्य को छोड़ क्षेत्र में रेत बजरी व मिट्टी के खनन पर पूर्णतः रोक लगा रखी है लेकिन यहां खनन माफियाओं के लिए सुप्रीम कोर्ट व केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा रेत बजरी व मिट्टी खनन के रोक का आदेश कोई मायने नहीं रखता है। और ना ही अधिकारियों, व खनन अधिकारियों ने खनन रोकने के आदेश को शक्ति के साथ अमल कराने का प्रयास किया। जिस कारण खनन माफिया बिना किसी रोक टोक ओर डर खौफ के क्षेत्र में मिट्टी का खनन खुलेआम कर रहे हैं ।
नगर क्षेत्र व तहसील क्षेत्रों के गांव मझेड़ा, सैदपुरी, नैनपुरा, कोठरा, पुरैनी, नंदपुर, टॉल टैक्स के निकट आदि दर्जनों गांव में खनन माफियाओं ने नगीना एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदारों तथा हल्का लेखपालों, विभागीय अधिकारियों सहित सत्ता पक्ष के चन्द छूट भैैया नेेताओं से जबरदस्त सांठगांठ कर रखी है, जिस कारण खनन माफियाओं के ट्रैक्टर ट्राली डंपर आदि मिट्टी से भरे वाहन नगर की सड़कों के साथ - साथ अधिकारियों के दफ्तरों के सामने से सभी दिनभर गुजरते रहते हैं, जिन्हें कोई भी अधिकारी या पुलिस नहीं रोकती और खनन माफियाओं का मिट्टी से भरी ट्रेक्टर ट्राली बिना रोक - टोक और डर के दौड़ता रहता है। खनन माफिया कृषको से सस्ते दामों पर उनके खेत की मिट्टी खरीद लेते हैं और खेतों में जेेेसीबी मशीनें लगाकर रात दिन कार्य करा कर 10 -10 फुट गहरे मिट्टी खुदवाकर अवैध रूप से काटी जा रही कॉलोनियों का भराव, नगर पालिका ठेकेदारों द्वारा सड़क निर्माण में, स्कूल कालेज भवनो व क्षेत्र में निर्माणाधीन आवासो और मकान स्वामियों से मिट्टी भराव के लिए लाखों लाखों रुपए के ठेके ले लेते हैं, खेतों में गहरे गहरे गड्ढे हो जाने से फसलें प्रभावित हो रही हैं। यदि कोई मकान स्वामी अपने मकान के लिए अपने स्तर से मिट्टी भराव करवाता है तो उपरोक्त खनन माफिया अपने चहते अधिकारी एवं सत्ताधारी नेताओं से शिकायत कर रुकवा देते हैं । बल्कि उनका मिट्टी से भराव मे लगा वाहन सीज करा कर अपने स्तर से मिट्टी भराव के लिए मजबूर करते है। नगीना - कोतवाली मार्ग से लेकर मात्र 3 किलो मी. नेशनल हाईवे बगराकोट वाली बाढ़ स्थित सिटी डिग्री कॉलेज के पीछे जो नवनिर्मित नेशनल हाईवे से कुछ गज की दूरी पर सड़क किनारे व नेशनल हाइवे 74 नगीना - धामपुर मार्ग स्थित टॉल प्लाज़ा से लेकर मंझेड़ा पुलिस चौकी तक भारी मात्रा में मिट्टी भराव का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। खनन माफियाओं के सिर पर जब सत्ता के चंद छूट भैया नेताओं और सीनियर अधिकारियों का आशीर्वाद भरा हाथ रखा हो तो भला उन्हें मिट्टी खनन करने से कौन रोक सकता है। खनन माफिया मिट्टी भरान का कार्य सुबह से ही शुरू करते हैं जो देर रात मिट्टी भराव का कार्य चलता रहता है। इसके अलावा नगर के चारो और अवैध रूप से काटी जा रही कालोनियों का मिट्टी भराव का कार्य बड़े पैमाने पर चल रहा है। ऐसा नहीं है इतने बड़े मिट्टी भराव की जानकारी अधिकारियों को ना हो लेकिन खनन माफिया अधिकारियों के पैरो को नोटों की गड्डी से बांध देते हैं जिसके वजन से अधिकारी अपनी कुर्सियों से उठते तक नहीं है। और खनन माफिया शासनादेश की धज्जियां खुलेआम उड़ाते रहते हैं। जिसकी किसी भी अधिकारी को चिंता नहीं है। बल्कि अधिकारियों के साथ - साथ अपने आपको भाजपा नेता कहलाने वाले नेता भी अवैध मिट्टी भरान की ओर से मुंह फेरे हुए हैं। जिससे केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारे बदनाम हो रही है। हालांकि इस मिट्टी के अवैध भराव कराने की शिकायत समाज सेवी लोगों ने जिलाधिकारी से लेकर प्रदेश के तेजतर्रार मुख्यमंत्री और खनन मंत्री, प्रदेश के सबन्धित कई मंत्रियों के आलावा आला अफसरों को भेज कर की, मिट्टी के अवैध खनन की शिकायत पत्र में अधिकारियों, कुछ छूट भैया नेताओं के साथ साथ क्षेत्र के चन्द मीडियाकर्मियों पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। इस संबंध में जिला खनन अधिकारी से जानकारी करनी चाही तो उन्होंने अपने आप को अवैध मिट्टी खनन कार्यों से अनजान होना बताया। जबकि तहसील मुख्यालय पर बैठे जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी अवैध रूप से तालाब को पाटने और आवाशीय कॉलोनी काटने के उद्देश्य से बिना परमिशन के चल रहा मिट्टी भराव की भनक भी नहीं होना बता रहे हैं जबकि हर रोज नगीना और बिजनौर के आला अफसरों का इसी मार्ग से आना जाना लगा रहता है लेकिन एक भी अधिकारी की निगाहें मिट्टी खनन पर नहीं पड़ रही है यह बात हजम होने वाली नहीं है। क्योंकि स्थानीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को बैल बुग्गी और भैंसा बुग्गी से रेत और मिट्टी का खनन कर अपने परिवार की जीविका चला रहे गरीब पर पड़ जाती है और उन्हें भैंसा बुग्गी सहित थाने या एसडीएम कोर्ट ले जाकर कई - कई दिनों तक खड़ी कर देते हैं या उनसे लगभग 3200 - 3200 रुपये का जुर्माना वसूल कर छोड़ देते हैं। फिर इतने बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध मिट्टी के खनन पर नजर क्यों नहीं पड़ी जबकि पुलिस की डायल 112 की गाड़ियां सड़क किनारे एवं मुख्य चौराहों पर खड़ी रहती हैं क्या मिट्टी से भरे बड़े बड़े ट्राले और डंपर आते जाते उनको भी नहीं दिखाई पड़ते । बताते चलें कि शासन स्तर से नेशनल हाईवे किनारे वैद्य अवैध कॉलोनियों का कटान नहीं किया जा सकता लेकिन अधिकारियों और छूट भैया नेताओं के इशारे पर अवैध रूप से बिना नक्शा पास कराए कॉलोनिया काटी जा रही हैं, जिनमे करोड़ों रुपए का मिट्टी का भराव कार्य बदस्तूर पर जोरो शोरो पर चल रहा है। उधर आम जनता में चर्चा है कि नगर क्षेत्र में मिट्टी अवैध खनन बिना अधिकारियों की मिलीभगत से नहीं चलता है और न ही अवैध कॉलोनी तहसील प्रशासन की सांठगांठ से काटी जा रही है अब देखना यह है कि क्या इस भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री योगी बाबा का बुल्डोजर इन अवैध कॉलोनियों सहित अवैध रूप से हो मिट्टी खनन माफियाओं पर चलता है या नहीं ।



