जनपद बिजनौर मुरादनगर की शान से मंडल प्रभारी विकास अग्रवाल
बिजनौर। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत नेशनल प्रोजेक्ट आन सॉइल हेल्थ एंड फर्टिलिटी (मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम) का पांचवा चरण 5 मई को चलाया जाएगा। जीवांश कार्बन को भूमि के लिए हीमोग्लोबिन माना जाता है। जनपद बिजनौर की मृदा में जीवांश कार्बन की मात्रा घटकर 0.3 प्रतिशत रह गई है। जीवांश कार्बन मृदा संरचना को सही रखता है तथा प्रयोग किये जाने वाले अन्य पोषक तत्वों को पौधों के लिए सहज सुलभ करने में मदद करता है। निदेशालय द्वारा चयनित 220 ग्राम पंचायतों में सोमवार को मृदा नमूना एकत्रित कर मृदा परीक्षण प्रयोगशाला को परीक्षण हेतु भेजे जाएंगे। मृदा परीक्षण नि:शुल्क है और परीक्षण के बाद किसानों को परिणाम उपलब्ध कराए जाएंगे।
उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने बताया कि प्रत्येक विकासखंड से 20 - 20 ग्राम पंचायतों को निदेशालय स्तर से चयनित किया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत से 100 मृदा नमूने लिए जाने हैं। जनपद की कुल 220 ग्राम पंचायतों से 2,20,00 मृदा नमूना लेने के लक्ष्य का 70% खरीफ सीजन में तथा 30 प्रतिशत रबी सीजन में पूर्ण किया जाएगा। मृदा परीक्षण का यह विशेष अभियान सोमवार को प्रातः 8:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक चलेगा।
उप कृषि निदेशक ने यह भी बताया कि मृदा नमूना एकत्रित करने के लिए कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक ग्रुप सी, बीटीएम, एटीएम तथा मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के स्टाफ को लगाया गया है। प्राविधिक सहायक ग्रुप बी को विकास खंडवार इसका नोडल बनाया गया है। किसान भाइयों से अनुरोध है कि चयनित ग्रामों में मृदा नमूना ग्रहीत करने के लिए मौके पर उपस्थित रहकर कृषि विभाग के कर्मचारियों को मृदा नमूना एकत्रित करने में सहयोग प्रदान करें तथा परीक्षण के बाद प्राप्त परिणामों के आधार पर ही पोषक तत्वों का फसलों में प्रयोग करें।


