बिजनौर धामपुर मुरादनगर की शान विशेष संवाददाता विवेक अग्रवाल
देश मे बहूत लोगो की मौत तो बगैर दवा के हो जाती हैं और अक्सर अखबारों में लगभग प्रतिदिन सर्पदंश की घटनाएं पढ़ने को मिलती हैं। गर्मी और बरसात के मौसम में सांप काटने की घटनाएं ज्यादा होती हैं!ग्रीष्म ऋतु की अपेक्षा वर्षा ऋतु में सर्पदंश की दुर्घटनाएं अधिक होती हैं हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है यहां प्रति वर्ष अनेक किसान सर्पदंश का शिकार हो जाते हैं खेतों में काम करते हुए किसानों को अक्सर सांप काट लेते हैं वर्षा ऋतु में तो सिर्फ ग्रामीण इलाके में ही नहीं जंगल से सटे शहरी क्षेत्रों में भी विषधर सांप प्रकट हो जाते हैं सर्पदंश के शिकार मरीज को अस्पताल ले जाने पर भी अधिकांश अस्पतालों में सर्पदंश की दवा उपलब्ध नहीं होती है! सरकार को चाहिए कि वह सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में सर्पदंश की दवा मुहैया करवाए सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में सर्पदंश की दवा अनिवार्य हो। ताकि सर्पदंश से किसी की जान ना जा सके जीवन अनमोल है

