जनपद बिजनौर कोतवाली मुरादनगर की शान तहसील संवाददाता सैयद समद हैदर नकवी
राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद अरबाज अंसारी ने कहा कि भारत में अलग-अलग धर्म के लोग रहते हैं परंतु त्योहार कोई भी हो सब मिलजुल का ही मानते हैं
वहीं उन्होंने कहा हमें रामलीला से सीख लेनी चाहिए और आपस में मिलजुल कर रहना चाहिए
आश्विन मास में शारदीय नवरात्रि के प्रारंभ के साथ ही जहां 9 दिनों तक घर-घर में दुर्गा माता का पूजन किया जाता है, वहीं 9 दिनों तक चलने वाली रामलीला के मंचन का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। रामलीला प्रभु श्री राम के चरित्र पर परंपरागत रूप से खेला जाने वाला एक नाटक है, जो मुख्य तौर पर उत्तर भारत में ही होती है।
रामायण के आधार पर रामलीला का मंचन किया जाता है, जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के जीवन का वर्णन देखने को मिलता है। रामलीला मंचन के दौरान भगवान श्री राम के जीवन के विभिन्न चरणों तथा घटनाओं का मंचन किया जाता है।
रामायण की सबसे बड़ी सीख है कि बुराई पर हमेशा अच्छाई की ही जीत होती है। जिस तरह माता सीता पर रावण ने बुरी नजर डाली और अंत में भगवान राम ने रावण को पराजित कर सीता को वापस पा लिया। कहानी का सार है की बुराई कितनी भी शक्तिशाली या बड़ी क्यों ना हो, लेकिन अपनी अच्छी नियत और गुणों के कारण सच्चाई की ही जीत होती है। इस अवसर पर गारोपुर के ग्राम प्रधान दानिश अंसारी, जावेद सलमानी, रबनीश आदि उपस्थित रहे।

